Top10 Best Moral Story in Hindi | Short Stories for Kids in Hindi 2024

हेलो दोस्तों, यहाँ पर हम Top 10 Moral Story in Hindi for kids and Adults, और उसके साथ ही Short Stories for Kids से सम्बंधित मजेदार Pictures की कहानियाँ साझा कर रहे हैं , जो आपके लिए बहुत ही valuable होंगी।

और आपको और आपके बच्चों को भी इन Short Moral Stories से सिखने को जरूर मिलेगा।

Hindi Moral Stories for Kids आपको और आपके बच्चों के लिए “जिंदगी का पाठ” सिखाने वाली कहानियां है , जो आपके बच्चों को , लोगों और दुनिया को समझने में मदद करती है।

इसीलिए इन Hindi Moral Stories for Kids and Younger को हम आपके साथ साझा कर रहे हैं । मुझे उम्मीद है कि आप इन हिंदी कहानियों को पसंद करेंगे।

Moral Story in Hindi – Short Moral Stories for Kids (शिक्षाप्रद कहानियाँ)

Here I am sharing the Top 10 Moral Story in Hindi for kids and Adults with pictures, Short stories in Hindi for kids, which are very valuable and teach you and your kids or students a valuable life lesson.

These stories have lots of positive things about life and make your kids a positive thinker ” The Lesson of Life “, which help your children to understand the people & world.

That’s why I am sharing these Hindi Moral Stories for Kids with you.  I hope you would like it.

तो फिर चलिए शुरू करते हैं Moral Stories for Kids in Hindi कहानियों का सिलसिला –

Moral stories for kids in hindi best short moral story for adults and kids moralstoryinhindi

#1. चालाक बंदर – Moral Story for Kids in Hindi

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में एक बंदर रहता था। वह बंदर बहुत ही चालाक और होशियार था।

एक दिन, गांव में अचानक एक भयंकर शेर आ गया और लोगों को डराने लगा। सभी लोग उस शेर से बचने के लिए इधर – उधर भाग रहे थे।

तभी बंदर ने शेर के आने की खबर सुनी और उसके पास जाकर उसे मिलने का फैसला किया।

जब बंदर शेर के पास पहुँचा, तो उसने बड़ी धूमधाम से अपना स्वागत किया। बंदर ने शेर को बताया कि वह एक भगवान का मेसेंजर है और उसके पास खास शक्ति है

जिससे वह किसी को भी मर सकता है। इसके बाद, बंदर ने शेर को बुलाया कि वह एक स्पेशल प्रदर्शन देखने के लिए आए।

chalak bandar moral story in hindi for kids moralstoryinhindi

शेर ने उसकी बात मानी और बंदर के प्रदर्शन को देखने के लिए रुक गया ।

बंदर ने एक जादूगरी झोला निकाला और उसे खोल दिया। झोले से निकली हुई तेज रौशनी ने शेर को हैरान कर दिया , जब शेर ने बन्दर से पूछा की ये तेज रौशनी क्या हैं।

तब बन्दर ने कहा – कि इस रौशनी से मुझे शक्ति मिली है और मैं किसी को भी भस्म कर सकता हूँ।

शेर घबराकर डर गया और उसने भागते हुए गांव छोड़ दिया। बंदर बहुत खुश हुआ कि वह लोगों को शेर से बचा सका।

सीख :

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि चालाकी और ताकत के साथ-साथ समझदारी भी बहुत महत्वपूर्ण है। हमें दूसरों को धोखा देने की बजाय सही और ईमानदारी के मार्ग पर चलना चाहिए।


#2. दोस्ती की मिठास – Moral Story in Hindi For Kids and Adults

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में दो बच्चे रहते थे। उनका नाम राहुल और अमित था। वे अपने गांव के पास ही रहते थे और रोज़ एक साथ खेलते थे।

एक दिन, राहुल को एक मिठाई का टुकड़ा मिला। उसने सोचा कि वह अमित के साथ मिठाई बांटेगा। लेकिन जब उसने अमित को मिठाई दी, तो अमित ने सारी मिठाई खा ली और कुछ उसे नहीं दिया।

राहुल को यह बहुत बुरा लगा। उसने सोचा कि अमित कितना लालची है।

दिन बीतते गए और अमित और राहुल की दोस्ती कमज़ोर होती गई। उनके बीच में झगड़े होते रहते थे और वे अलग-अलग खेलने लगे।

राहुल बहुत ही उदास और अकेला महसूस करने लगा।

दोस्ती की मिठास Moral Story in Hindi For Kids and Adults

एक दिन, राहुल और अमित एक दूसरे से अलग-अलग खेल रहे थे। तभी गांव में एक भयंकर भूकंप आया। लोग भागते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे।

राहुल ने भी भागने की कोशिश की, लेकिन उसके पाँव में चोट लग गई और वह गिर गया। वह बहुत डर गया और रोने लगा।

इस दौरान, अमित ने उसे देखा और उसकी मदद के लिए दौड़ा। उसने उसे बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।

राहुल ने अमित की दिये गए सहायता को देखा और उसके मन में उम्मीद की किरण जगी।

और वे दोबारा दोस्त बन गए और जाना कि असली मित्रता का मतलब होता है एक-दूसरे की मदद करना और साथ में खुशी-गम बाँटना।

सीख :

यह कहानी हमें सिखाती है कि मित्रता और दोस्ती में एक-दूसरे के साथ मिठास, समर्पण और सहायता करना होता है। हमें लालच को दूर रखकर अपने मित्रों के साथ ईमानदारी और आपसी सहयोग के मूल्य को समझना चाहिए।


ये भी देखें :

#3. ईमानदार लकड़हारा – Hindi Moral Stories for Adults and Kids

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गांव में एक ईमानदार लकड़हारा रहता था। उसका नाम रामू था।

वह अपने काम में बहुत मेहनती था और हमेशा सच्चाई और ईमानदारी के साथ काम करता था।

एक दिन, रामू को एक बड़ा और मुलायम लकड़ी का टुकड़ा मिला। वह टुकड़ा देखकर बहुत खुश हुआ और सोचा कि वह इसे बेचकर अच्छी कमाई कर सकता है।

लेकिन जब उसने लकड़ी को बाजार में बेचने के लिए लेकर गया, एक गरीब आदमी ने उससे कहा, “मुझे यह टुकड़ा देदो मुझे इसकी बहुत जरूरत है, क्या आप इसे मुझे बेच सकते हैं?”

ईमानदार लकड़हारा - Hindi Moral Stories for Adults and Kids

रामू को उस गरीब आदमी की गरीबी देखकर दुःख हुआ, लेकिन वह जानता था कि इस टुकड़े को बेचकर उसकी कमाई बढ़ा सकता है।

फिर भी, उसने अपनी ईमानदारी और सादगी के प्रियतम मूल्यों को बनाए रखने के लिए टुकड़ा उस आदमी को बेच दिया।

कुछ समय बाद, रामू को अचानक एक अमीर व्यापारी द्वारा संपर्क किया गया। व्यापारी ने कहा, “मैंने सुना है कि आप एक बहुत ईमानदार और सच्चे व्यापारी हैं।

मुझे आपकी सेवाएं चाहिए और मैं आपको बहुत अच्छी कीमत दूंगा।”

रामू बहुत खुश हुआ और अमीर व्यापारी की सेवा करने लगा। उसने अपनी ईमानदारी के कारण बहुत सफलता प्राप्त की और काफी धन कमाया।

वह धनी बन गया लेकिन हमेशा यह याद रखा कि उसकी सफलता उसकी ईमानदारी और दयालुता पर आधारित है।

सीख :

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि ईमानदारी और सच्चाई की महत्वपूर्णता को कभी ना भूलें। ईमानदारी हमारे आचार-व्यवहार में महत्वपूर्ण है और हमारी सफलता का मूल आधार है।

(Hindi Moral Stories)


#4. विश्वासघाती गधा – Moral Stories for Kids in Hindi

एक गांव में एक किसान रहता था। उसके पास एक सुंदर गधा भी था। गधा को गांव के लोग प्यार से रखते थे।

किसान रोज खेती करता था और सब्जियां फल उगाता था । हर रोज गधा खेत में काम करता है और किसान को अपनी गाड़ी में सवारी कर सब्जियों को बाजार तक ले जाता है।

एक दिन, किसान ने सोचा की वो बाजार के लिए एक बहुत बड़ा सामान ले जाएगा। लेकिन उसके पास उस समय केवल गधा था जो उसे मदद कर सकता था।

किसान ने गधे से कहा, “ओए गधे , मुझे एक बहुत बड़ा सामान मार्केट ले जाना है। क्या तू मुझे मदद कर सकता है?”

गधा जिधर था, उधर झुककर बोला, “हां, क्यों नहीं, मैं तो हमेशा तेरे साथ हूं। तू बस सामान मुझे रख दे, मैं बाजार तक पहुंचा दूंगा।”

किसान ने गधे पर भरोसा किया और सामान गधे के ऊपर रखा।

गधा समान को धीरे-धीरे लेकर मार्केट की तरफ चल पड़ा। पर कुछ दूर जाने के बाद गधे की हरकत अजीब सी होने लगी।

वो समान को इधर-उधर फेंकने लगा।

किसान हैरान हो गया और पूछा, “ओए गधे, क्या हो गया? समान को क्यों फेंक रहे हो?”

गधा हंसी में बोला, “अरे यार, मैं इतना बड़ा सामान नहीं उठा सकता। तेरे पास ज्यादा समान हो गया है, इसलिए मैं उसे छोड़ रहा हूं।”

किसान अपनी गधे के धोखे से हैरान हो गया। वो समझ गया कि गधा उसे धोखा दे रहा है। उसने समान को वापस ले लिया और दुखी हो कर अपने खेत में चला गया।

सीख :

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी पर भरोसा करने से पहले उसकी नियत और विश्वातघाट को समझना चाहिए। विश्वासघाट एक बड़ा पाप है।

हमारे सच्चे दोस्त हमारी मदद करते हैं और हमारे साथ खड़े होते हैं। लेकिन अगर कोई हमारा विश्वासघाटी निकल जाए, तो हमें उसे दूर रखना चाहिए।

विश्वास और सम्मान हमारे रिश्तों का मजबूत आधार है।

(Hindi Moral Stories)


ये भी देखें :

#5. सोने की अदम्यता – Short Moral Stories for Kids in Hindi

एक समय की बात है, एक छोटा सा बच्चा था जिसका नाम राजू था। वह हमेशा खेलने और टीवी देखने में बिताता था। एक दिन, उसे एक अजीब सा सपना आया और उसने देखा-

कि उसके पास काफी सारा सोना है। वह खुश हो गया और अपने सोने की खुशी में अन्य बच्चों को भी देखने के लिए बताने लगा। लेकिन जब वे आए, तो वह सोना गायब हो गया।

और वह मायूस हो गया कि उसका सोना कहाँ चला गया, सोने को देखकर उसने न जाने क्या क्या सपने सजा लिए थे।

इससे हमे शिक्षा मिलती है कि –

सीख:

अपने सपनों को पूरा करने के लिए हमेशा मेहनत करें।


#6. बंदर और हाथी का सबक – Short Moral Story in Hindi

एक जंगल में एक बंदर और एक हाथी रहते थे। दोनों बहुत अच्छे दोस्त थे और आपस में बहुत प्यार करते थे।

एक दिन, बंदर ने बड़े उत्साह से हाथी को बुलाया, “हे दोस्त, मैं एक पेड़ पर चढ़ने का प्रयास कर रहा हूँ। क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो?”

हाथी ने प्यार से मुस्कान करते हुए कहा, “ज़रूर, मैं तुम्हारी मदद करूँगा। तुम मेरी पीठ पर चढ़ जाओ, मैं तुम्हें पेड़ तक पहुंचा दूँगा।”

बंदर हाथी की मदद से ऊपर चढ़कर पेड़ तक पहुंच गया। वह बहुत खुश हुआ कि वह अपने दोस्त की सहायता से पेड़ पर चढ़ सका।

एक दिन, बंदर फिर से उत्सुकता से हाथी को बुलाया, “हे दोस्त, मुझे एक आम तोड़ना है। क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो?”

हाथी ने उसकी ओर गम्भीरता से देखा और कहा, “मैं तुम्हारी मदद करना चाहता हूँ, लेकिन इस बार मुझे लगता है कि तुम खुद ही कर सकते हो। तुम मेहनत करो और अपने बंदर हाथों से आम तोड़ो।”

बंदर ने सोचा और फिर खुशी से हंसते हुए कहा, “तुम सही कह रहे हो, दोस्त।

मुझे खुद ही करना चाहिए। तुमने मुझे यह सबक सिखाया कि मैं खुद को परेशानियों से निकाल सकता हूँ।”

सीख :

इस कहानी से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपनी सामर्थ्य पर विश्वास करना चाहिए। दूसरों की मदद करना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें स्वयं सहायता की आवश्यकता पर भी ध्यान देना चाहिए।

हमारी संयमितता, मेहनत और सामर्थ्य हमें सफलता की ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं।


#7. बाघ और मेंढ़क का सबक – Short Moral Stories in Hindi for Kids

एक बार बाघ अकेला और भूखा था। वह दिन भर शिकार खोज रहा था लेकिन उसे कोई शिकार नहीं मिला।

अचानक उसने एक मेंढ़क को देखा, वो मेंढक उसे चिढ़ा रही थी।

बाघ ने मेंढ़क से पूछा, “तुम क्यों चिढ़ रही हो?”

मेंढ़क ने जवाब दिया, “मैं भूखी हूँ और मेरे पास कोई भोजन नहीं है।”

बाघ ने दया करते हुए मेंढ़क को खाने के लिए अपना शिकार दे दिया।

सीख :

यह कहानी हमें सिखाती है कि अन्य लोगों की मदद करना हमारी भलाई के लिए महत्वपूर्ण है।


ये भी देखें :

#8. दौड़ने वाला कछुआ – Short Hindi Moral Stories for Kids

एक समय की बात है, एक झील में एक कछुआ रहता था। कछुआ दौड़ने में तेज और माहिर था। वह अपनी छोटी छोटी तांगो से भी तेजी से दौड़ सकता था।

उसकी दोस्ती गहरे पानी में रहने वाले एक मेंडक से थी। दोनो दोस्त हर रोज़ साथ में खेलते और समय बिताते थे।

एक दिन, कछुआ ने अपने दोस्त मेंडक को दौड़ने की कला दिखाने का सोचा।

मेंडक को बुलाया और बोला, “हे मेंडक, मैं इतना तेज दौड़ सकता हूं कि तुम्हें भी पीछे छोड़ सकता हूं। क्या तुम मेरे साथ एक दौड़ लगाओगे ?”

मेंडक हंसकर बोला, “हां, क्यों नहीं! मैं तुम्हे दिखाऊंगा कि मैं भी तेज दौड़ सकता हूं।”

दोनो दोस्त ने दौड़ की तैयारी शुरू कर दी। दौड़ का समय आ गया और दोनो एक साथ दौड़ने लगे।

कछुआ जल्दी से आगे निकल गया और मेंडक को पीछे छोड़ गया। मेंडक के जोश में आकार वह और तेजी से दौड़ने लगा।

लेकिन कुछ समय बाद, मेंडक की सांसे ठकने लगी। वह बहुत तेज दौड़ नहीं पर रहा था।

परन्तु उसका गर्व उससे मजबूर कर रहा था कि वह कछुआ को पीछे छोड़ेगा। वह जोर-जोर से दौड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कछुआ उससे हमेशा आगे रहता था।

आखिरकार, मेंदक थक कर रुक गया। वह कछुआ के पास पंहुचा और बोला, “दोस्त , तम्हें पकड़ना मेरे बस की बात नहीं है।

मुझे पता नहीं था कि तुम्हारे पास इतनी तेज दौड़ने की कला है, तुम जीत गए, और मैं हार गया।”

कछुआ मुस्कुराया और बोला, “दोस्त, दौड़ने में मेरा टैलेंट है, परंतु तुझे दौड़ना आता नहीं है। टैलेंट हमारा सबसे बड़ा साथी होता है, मैंने अपने टैलेंट को समझा।

तुम्हारे पास दौड़ने की कला नहीं है, लेकिन तुम्हारे पास एक और काबिलियत है, जिनके लिए तुम्हें गर्व करने करना चाहिए ।”

मेंडक ने समझ लिया कि कछुआ सही कह रहा है। उसने अपना टैलेंट और काबिलियत को समझा और खुशी से जीने लगा।

सीख :

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हर व्यक्ति अलग टैलेंट काबिलियत और गुनो के साथ पाया जाता है। हम सब अपने तरीके से कम करते हैं और खुद में एक अहमियत रखते हैं।

हमारे टैलेंट और काबिलताओ को समझ कर उनपर विश्वास करना चाहिए । हमारे दोस्त भी हमारी कमज़ोरियों को समझते हैं और हमें सही रास्ते पर ले जाते हैं।

इसमें हमें अपने टैलेंट पर गर्व करना चाहिए और दूसरे के टैलेंट को भी सम्मान देना चाहिए।


#9. बैल और गीदड़ की मित्रता – Short Story Kids

एक समय की बात है, एक गांव में एक खूबसुरत बैल रहता था। वह बहुत ही शांत और मीठा स्वभाव वाला था। उसके सामने एक चालक और चालबाज गीदड़ भी रहता था।

दोनो में बहुत गहरी दोस्ती थी। वे हमेशा साथ में घूमते और मस्ती करते थे।

एक दिन, बारिश के बाद गांव के खेतों में बहुत सारे समोसे पड़े हुए थे । गीदड़ को ये बात पता चली और वह अपने दोस्त बेल को बताने आया।

गीदड़ बोला, “बेल भाई, आज खेत में बहुत सारे समोसे पड़े हुए हैं। हम दोनो उन्हें खाकर बहुत मजा कर सकते हैं।

चलो, चलते हैं और उनको खाते हैं।”

बैल ने मुस्कुराया और गीदड़ के साथ खेतो की तरफ चल दिया। वहां पहुंच कर दोनो ने समोसे खाने शुरू कर दिए।

जब समोसे खत्म हो गए, गीदड़ ने सोचा की अब बैल से ज्यादा समोसा कोई और नहीं खा सकता।

गीदड़ ने चालक तारिके से कहा, “बेल भाई, मैंने ये सुना है कि इन समोसे से भी बड़ा समोसा एक बंदर के पास है। वो बहुत ही मज़ेदार है। चलो, हम उसे ढूंढकर खाते हैं।”

बैल ने खुश होकर कहा, “सच? चल, जल्दी से हम समोसे के पास चलते हैं।”

दोनो दोस्त निकल पड़े और गीदड़ बेल को एक गुफा तक ले गया।

गीदड़ बोला, “बेल भाई, देखो गुफा के अंदर समोसा है। तुम गुफा में जाओ और समोसा लेकर आओ। मैं बहार तुम्हें गाइड करूंगा।”

बैल ने अंदर गुफा में जाने की कोशिश की, पर वह बहुत बड़ा था और गुफा के अंदर नहीं जा सकता था।

गीदड़ बहार से मुस्कुराकर बोला, “बेल भाई, मुझे माफ करो। वहां समोसा नहीं था। मैंने तुम्हें बेवकूफ बनाया।”

बैल दुखी होकर बोला, “गीदाद, मैंने तुम्हें दोस्त माना था और तुझ पर पूरा विश्वास किया था। तुमने मेरा भरोसा थोड़ा है।

दोस्त होने का मतलब होता है एक दूसरे पर विश्वास करना और साथ देना। तुमने मेरा दिल दुखाया है।”

गीदड़ ने अफसोस किया और माफी मांगी। उसने समझा की दोस्ती का रिश्ता विश्वास और आस्था पर पालन होता है।

वह भविष्य में बैल के भरोसे को कभी भी तोड़ने की कोशिश नहीं करेगा।

सीख :

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि दोस्ती विश्वास, इच्छा और सम्मान पर अधारित होनी चाहिए। हमारे दोस्त हमारे भरोसे को कभी नहीं तोड़ने देना चाहिए। सही दोस्ती में खुशियां बढ़ती है, परंतू दोस्ती में विश्वात तोड़ने से सिर्फ दुख और तनाव ही होता है।


# 10. दोस्ती का महत्व – Short Story for Kids and Adults in Hindi

एक छोटा सा गांव था, जहां एक बहुत अच्छे दिल वाला लड़का रहता था। उसका नाम राजू था।

राजू बहुत ही समझदार और मधुर स्वभाव वाला था। उसके पास बहुत सारे दोस्त भी थे। एक दिन, राजू को स्कूल से घर आते हुए रास्ते में एक अनोखा दृश्य दिखा।

राजू ने देखा की एक चिड़िया अपनी पंख हिलाकर उड़ रही है। उसके पंख इतने कमजोर कि वह उठाने के लिए ताकत नहीं लगा सकती थी।

राजू ने उस चिड़िया की मदद करने के लिए अपने हाथ में ले लिया और धीरे-धीरे ऊंचा करने लगा।

तबी राजू के दोस्त श्याम वहां से गुजरे। श्याम ने राजू को देखा और पूछा, “राजू, तुम ये क्या कर रहे हो ?”

राजू ने मुस्कुराकर कहा, “श्याम, देखो, ये चिड़िया अपने पंख हिलाकर ऊंचा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके पंख बहुत कमजोर है। मैं थोड़ा मदद कर रहा हूं।”

श्याम भी राजू के साथ चिड़ियों की तरफ देखा और उसकी समस्या समझी। उसे कहा, “राजू, तुमने बिलकुल सही किया।

दोस्ती का मतलब होता है अपने दोस्तों की मदद करना और उसके साथ खड़े रहना। हम चिड़ियों को मिल कर साथ में उठाएंगे।”

दोनो दोस्त ने मिलकर चिड़िया को उठाया और उसकी उड़ने में मदद की। चिड़िया बहुत खुश हुई और अब वह अपने पंख हिलाकर आसनी से उड़ सकती थी। चिड़िया राजू और श्याम की दोस्ती को बहुत प्रशंसा करती थी।

इस घटना से राजू और श्याम को यह समझ आया कि दोस्ती का कितना बड़ा महत्व होता है।

सीख :

दोस्त होने का मतलब होता है एक दूसरे की मदद करना, सही समय में साथ देना, खुशियां और दुख को बांटना ।

दोस्ती हमें समझदारी, प्यार और साथ निभाने का मौका देती है। जब हम अपने दोस्तों के साथ खड़े होते हैं, तो हमें समझ आता है कि हम अकेले नहीं हैं। दोस्ती हमारे जीवन में खुशियां और मुस्कान आती है।

इसलिए, हमें हमेशा दोस्ती का सम्मान करना चाहिए और अपने दोस्तों के साथ अच्छे व्यवहार करना चाहिए। दोस्त बने रहने का ख्याल रखना जरूरी है, क्योंकि दोस्ती एक खूबसूरत रिश्ता होता है, जिसे निभाने से हमारा जीवन सुंदर और आनंदमय बन जाता है।


ये भी देखें :

Sr. No.Best Hindi Moral Stories
1साजिश का पर्दाफाश Akbar Birbal Story in Hindi
2महान गुरु – Akbar Birbal Story in Hindi 
3दो दोस्त और एक राजकुमारी -Vikram Aur Betaal Stories
4अच्छी सीख Long story in Hindi – शिक्षाप्रद कहानी 
5दुल्हन किसकी हुई – Vikram Betal Stories
6जादुई गधा – Akbar Birbal Stories in Hindi

आशा हैं की आपको Top10 Best Moral Story in Hindi पसंद आयी होंगी , इन Moral Stories for Kids in Hindi को आप अपने Family , Friends के साथ Social media पर भी share कर सकते हैं .

इस आर्टिकल में आगे और भी रोचक कहानियां जुड़ती रहेंगी इसलिए आप हमारे साथ और इस Website Moral Stories in Hindi for kids के साथ साथ जुड़े रहिये .

( Top 10 Best Moral Stories in Hindi  For Kids)

Leave a Comment